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रविवार, 1 अगस्त 2010


रक्त सम्बन्ध का तो नहीं ,पर उससे भी बढकर इस संसार में,

लोगों के मध्य एक अनमोल रिश्ता बन जाता है,

वह रिश्ता

हिमालय की गोद से गिरे खुले पानी की तरह बहता हुआ ,

सभी बन्धनों से मुक्त एक स्वतंत्र रूप लिए हुए ,

मनो तो प्यार का अमृत,

न मनो तो सिर्फ एक दूसरे के चेहरों की पहचान ,

लेंन -देन ,भेद-भाव,उंच - नीच की भावना से बहुत उपर ,

दिलो का वह प्यारा सा बंधन ,

कोई और नहीं दोस्ती का है,

जो हम सभी के जीवन में बहुत ही कीमती है ,

जिस की कीमत को कभी कोई आक नहीं सकता ,

अपने जीवन में दोस्ती की बगिया को आप हमेशा हरा भरा रखे ,इस अनमोल रिश्ते को आप सभी सहेज कर रखे इसी आशा के साथ आप सभी को आज friendship day के अवसर पर बहुत बहुत बधाई

1 टिप्पणी:

  1. सच कहा आपने ...
    हम सभी इस दुनियां में एक दूसरे से जुड़े हुए है,इसे हम मित्रता का नाम दे सकते हैं ,और यही मानवता का दूसरा नाम भी है .
    यदि बड़े गौर से रिश्तों का मतलब जाना जाये तो ये हम बड़ी ही आसानी से कह सकते है की दरअसल कोई रिश्ता प्राकृतिक होता ही नहीं, सिवाय एक जुडाव के जिसे हम मित्रता नाम देते है

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